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प्रदेश का पहला बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र– सेहत, सेवा और सद्भाव की मिसाल… मुख्यमंत्री की मंशानुसार बुजुर्गों की हो रही बेहतर देखभाल: कलेक्टर चंदन त्रिपाठी  लाभार्थियों ने कहा- विष्णुदेव सरकार ने बुजुर्गों की चिंता को किया दूर, यही सुशासन है…

प्रदेश का पहला बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र- स्वास्थ्य, सेवा और सुविधा का मिश्रण…

मुख्यमंत्री के परामर्शदाता बुजुर्गों की हो रही बेहतर देखभाल: डॉक्टर चंदन त्रिया 

विष्णुदेव सरकार ने कहा- विष्णुदेव सरकार ने बुजुर्गों की चिंता दूर की, यही सुशासन है…

कमलेश शर्मा, संपादक

बैकुंठपुर/ (कोरिया) / कहते हैं कि इंसान का सबसे बड़ा धन उसका स्वास्थ्य होता है। इसी सोच को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ के सुदूर कोरिया जिलों में बुजुर्गों के लिए एक अनोखी शुरुआत की गई है। जिला प्रशासन ने बच्चों की भीड़, लंबी अवधि के लोगों और खाद्य पदार्थों से राहत के उद्देश्य से जिला अस्पताल बैकुंठपुर में प्रदेश का पहला बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र शुरू किया है। यहां जांच, इलाज, औषधि और परामर्श एक ही छत के नीचे उपलब्ध है।

डॉक्टर डॉक्टर चंदन त्रिपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के डॉक्टर नुरूप जिला अस्पताल के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि गरीबों को तकलीफ, कमजोरी और अन्य उम्र में जनित समस्याओं से मुक्ति मिली और बुजुर्ग भी लंबी कतारों में रहने लगे। उसी समय यह संकल्प लिया गया कि बच्चों को अलग और पशु स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जाये।

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना हम सबका दायित्व है। आज जो हरे पत्ते हैं, वही कल पक्षी और पक्षी होंगे, ये प्रकृति का नियम है। इसी भावना के साथ जिला अस्पताल के एक हाल को बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है। एनजीओ के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इस केंद्र में फिजियोप्लास्टी, पंचकर्म, फुट मास्क सहित अन्य उपचार सेवाएं उपलब्ध हैं। केंद्र के अंतिम वर्ष में अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस के अवसर पर बैकुंठपुर के नेता भैया लाल राजवाड़े के करकमलों को शामिल किया गया था। स्केलेट ने बताया कि यह सेंटर ट्रिपल एस मॉडल ‘सेहत, सेवा और सुविधा’ संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के साथ सहज व्यवहार ही उनकी सच्ची देखभाल है और यही हमारी संस्कृति की पहचान है।

करीब 1700 बुजुर्गों को मिला लाभ…

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने जानकारी दी कि पिछले चार महीनों में करीब 1700 बुजुर्गों की जांच और इलाज किया जा चुका है। इनमें 977 महिलाएं और 702 पुरुष यात्री शामिल हैं। अब तक 675 सिलिकॉन ने पंचकर्म, 1350 सिलिकॉन ने लाभ उठाया है। 500 लैबोरेट्री जांच की जा चुकी है और 1250 पेाटेल की लैब जांच की जा चुकी है। डॉक्टर ने बताया कि इलाज से राहत मिली है और अस्पताल के कर्मचारियों का व्यवहार बेहद सहयोगी और प्रेरक है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति विपक्ष से बातचीत करते हुए कहा कि आज के समय में राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों की चिंता करना ही सच्ची सुशासन है। यह बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र सिर्फ कोरिया के लिए नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक-एक मॉडल मॉडल की भर्ती कराता है, जहां स्वास्थ्य के साथ-साथ सेवा और सामुदायिक सहयोग भी शामिल हो रहा है।

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