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डकईपारा की “उजाला” से सजी हरित होली, 11 महिलाओं ने तैयार किया 100 किलो से ज्यादा हर्बल गुलाल…

डकईपारा की “उजाला” से सजी हरित होली, 11 महिलाओं ने तैयार किया 100 किलो से ज्यादा हर्बल गुलाल…

कमलेश शर्मा, संपादक 

बैकुंठपुर (कोरिया)। कोरिया जिले में ब्लॉक बैकुंठपुर के ग्राम डकईपारा में उजाला महिला स्व सहायता समूह की (कुल 11 सदस्य) ने इस बार होली पर प्राकृतिक रंगों से बाजार में खास पहचान बनाई है। महज 10 दिन पहले शुरू हुई पहल आज 100 किलो से अधिक हर्बल गुलाल के उत्पादन तक पहुंच चुकी है, और निर्माण अभी भी जारी है। प्राकृतिक रंगों की खुशबू: समूह ने चुकंदर, हल्दी, पलास, पालक, लाल भाजी, एसेंशियल ऑयल और नेचुरल फूड कलर से त्वचा–अनुकूल, खुशबूदार और पर्यावरण–हितैषी गुलाल तैयार किया है। रासायनिक रंगों के दुष्प्रभावों के बीच यह पहल सुरक्षित और हरित होली का संदेश दे रही है।

300 रुपये किलो, बढ़ती मांग:

हर्बल गुलाल 300 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है। अब तक समूह 3,200 रुपये की आय अर्जित कर चुका है। होली नजदीक आते-आते मांग में और वृद्धि की उम्मीद है।

प्रशिक्षण और सहयोग:

समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के स्टाफ मास्टर ट्रेनर द्वारा दिया गया। पैकेजिंग में बिहान स्टाफ ने सहयोग किया। इस कार्य की शुरुआत समूह ने आंतरिक ऋण लेकर की, जो उनके आत्मविश्वास और उद्यमिता की मिसाल है।

कहां मिलेगा यह हर्बल गुलाल?:

यह गुलाल स्थानीय बाजार में—बैकुंठपुर नगरपालिका के पास, कोरिया मिलेट्स कैफे के सामने—उपलब्ध है। साथ ही koreaamrit.com वेबसाइट के माध्यम से भी इसे प्राप्त किया जा सकता है।

जीवन में आत्मनिर्भरता का नया रंग:

डकईपारा की इन महिलाओं ने साबित कर दिया है कि संकल्प, सहयोग और मेहनत से गांव की नारी शक्ति जीवन में आत्मनिर्भरता का नया रंग भर सकती है। तो आइए इस होली अपनाएं प्राकृतिक रंगों, परिवार की रसायनों से सुरक्षा और भागीदार बनें इस सशक्तिकरण के पहल में।

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